राम मंदिर से कुछ ही दूरी पर शेषावतार का भी मंदिर बनाया जा रहा है, जिसकी नींव के कार्य को पूरा कर पत्थरों से निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया गया है। सितंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। रामलला का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को शेषावतार, सप्त मंडपम और कुबेर टीला पर भगवान शिव के भी दर्शन कराए जाएंगे।राम जन्मभूमि परिसर में चल रहे सप्त मंडप और शेषवतार मंदिर के निर्माण का कार्य सितंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। इससे मंदिर को बनाने के लिए 17660 घन फिट पत्थरों का उपयोग किया जाना है, जिसकी भव्यता भी राम मंदिर से काम नहीं होगी। इसके साथ ही इन सभी मंदिरों को जोड़ने वाले दर्शन पथ को सही तरीके से तैयार किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु आसानी से सभी मंदिरों तक जा सकें। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में 18 मंदिरों का भी निर्माण हो रहा है। धीरे-धीरे एक-एक मंदिर के कार्य को पूरा करते हुए आगे बढ़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि शेषावतार मंदिर का कार्य भी चल रहा है। इसके साथ ही चार महर्षियों के मंदिर निर्माणाधीन है जो तिथियां निर्धारित की गई है उसी तिथि पर पूर्ण होगा।